This party encourages us to make profound connections with our internal selves, which encourages spiritual growth and peace. This holy year reminds us that the Main of devotion will be the purity of our hearts along with the sincerity of our prayers.
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
* पितृदोष read more और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।
Comments on “A Secret Weapon For ???? SHANI STAMBHAN SADHNA KA SAHI SAMAY”